इन्टेल के विज्ञान मेल में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले समाज के
 

युवा इंजीनियर रौनक टाक
 

         बिना चैन की साईकिल! है ना हैरानी की बात 

        श्री रौनक टाक को  क्लीवलैण्ड, ओहियो (युएसए) में होने वाले इन्टेल इन्टरनेशनल साईन्स एण्ड इंजीनियरींग फेयर, 2003 मे भाग लेन हेतु आमंत्रण प्राप्त हुआ । श्री रौनक टाक ने 8 से 19 मई, 2003 की क्लीवलैण्ड, ओहियो (युएसए) में ईन्टेल के वैज्ञानिको के समक्ष अपनी बिना चैन की साईकिल को चलाने में प्रयोग में ली गई तकनीकी की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रदर्शन किया। श्री रौनक टाक ने बताया कि वे इस साईकिल का और अधिक उपयोगी बनाने के लिए इसमें गियर बॅाक्स लगांयेंगे जिससे साईकिल आसानी से व अधिक तेज गति से चलेगी । भविष्य में मेकेनिकल इंजीनियरींग का सपना देखने वाले रौनक टाक व अशीष मैनन इससे पहले केले के छिलके से विधुत उत्पादन का कमाल कर चुके है ।
 

     श्री रौनक टाक वर्तमान में जयपुर स्थित आनंदपुरी काॅलोनी में अपने मातापिता के साथ रह रहे है । श्री रौनक टाक के अध्ययन व इनके शोध - कार्य में इनके माता - पिता का विशेष योगदान रहा है । वैज्ञानिक प्रतिभा से सम्पन्न श्री रौनक टाक खेल संबंधी गतिविधियों में भी बढ़ चढ़ कर भाग लेते है । इन्होनें स्कूल स्तर की राज्य स्तरीय जूड़ो तथा बास्केट बाॅल प्रतियोगिताओं में भी कांस्य पदक जीता है इनके अतिरिक्त श्री टाक ने इन्टर वेव, 2002 में पारम्परिक वेषभूषा प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्रप्त किया । बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री टाक माली समाज की होनहार प्रतिभा है । ये वर्तमान में मालवीय नगर जयपुर स्थित बिड़ला इंस्टीट्यूट आफ टैक्नोलाजी में बी.ई. इलैक्ट्रिानिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन के विद्यार्थी है ।
 
 

कराटे मे करिमाई कामयाबी सोनिया सैनी
 

   श्री गोपाल सैनी ने एशियन गेम्स में एथेलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतकर सम्पूर्ण देश में माली जाति के गौरव को बढ़ाया, छतीसगढ़ में 19 से 12 दिसम्बर, 2004 को हुई प्रथम एशिया जीत कुनु - डो कराटे चैंपियनशिप प्रतियोगिता में नेपाल के खिलाड़ी को हराकर दो स्वर्ण पदक प्राप्त किये। इसके उपरान्त सोनिया ने अपनी इस जीत को बरकरार रखते हुए 8 व 9 अक्टूबर, 2005 को मुम्बई में  द्वितिय एशिया जीत कुनु - डो कराटे चैंपियानशिप प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इस प्रतियोगिता में भारत,नेपाल,श्रीलंका,भूटान व बर्मा के खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में भारत चैंपियन रहा।
 

      सोनिया ने मुम्बई में ब्लैक ईगर मार्शल आर्टस एकेडमी, काता था (नान छुन) रूटीन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को प्रथम स्थान दिलाया। सोनिया की इस उपलब्धि पर महामहिम उप राष्ट्रपति श्री भैरोसिंह शेखावत तथा माननीय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उसे बधाई दी। सोनिया सैनी द्वारा जुडो-कराटे मार्शल आर्ट के सम्बन्ध में तैयार कराई गई सी डी का विमोचन महामहिम उप-राष्ट्रपति श्री भैरोंसिंह शेखावत के कर - कमलों द्वारा 27 दिसम्बर, 2004 को किया गया।
 

       सोनिया वर्तमान में मदर लैण्ड सीनियर सैकण्डी स्कूल, निवारू रोड, झोटवाडा में नवीं कक्षा में अध्ययनरत है। सोनिया मार्शल आर्ट में खास पहचान बनाना चाहती है। सोनिया ने जूडो-कराटे का प्रशिक्षण वर्ष 2002 में ब्लैक ई्रगल मार्शल आर्ट, क्लब, देवीनगर, झोटवाड़ा के कोच श्री रमेश सिंह के निर्देशन में लिया।
 

      सोनिया ने वर्ष 2002 में जिला स्तरीय जूडो चैंपियनशिप में रजत पदन प्राप्त कर सफलता की प्रथम सीढ़ी तय की। जयपुर में आयोजित राजस्थान स्टेट व शू चैंपियनशिप में नानप क्वान करने पर उसे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के खिताब से नवाजा गया। इसके पश्चात् इन्होनें श्रीगंगानगर में आयोजित राज्य स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त किया। जयपुर में आल राजस्थान इंस्टीट्यूट कराटे डी चैम्पियन-शिप 2003 में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए एक गोल्ड व एक सिल्वर मेडल प्राप्त किया।
 

      नई दिल्ली के तालकोटरा स्टेडियम मे 1-2 अगस्त,2003 को आयोजित 19वीं आल इंडिया इटिस्यूरिया कराटे डी चैम्पियनशिप में सोनिया ने एक गोल्ड और एक सिल्वर मैडल प्राप्त कर जीत के इस सिलसिले को बरकरार रखते हुए उसने पिछले साल नार्थ इंडिया कराटे चैंपियनशिप तथा राजस्थान स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता।
 

      सोनिया ने 13 से 15 मई, 2005 को पांचवी जूनियर वूशू चैपियनशिप में बीमार होते हुए भाग लिया। सानिया के पैर मे चोट के बावजूद उसका प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। सोनिया ने राजस्थान राज्य भारत स्काडट गाइड के मुख्यालय पर 17 मई से 30 जून 2005 तक स्कूली विद्यार्थियों को जूडो कराटे का प्रशिक्षण भी दिया।
 

      सोनिया ने जापान से आए कराटे प्रशिक्षक साके सदामी सदाकामी से कराटे का विशेष प्रशिक्षण लिया है। सोनिया ओलम्पिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व करने की इच्छा रखती है। बड़ी होकर सेना में जाने की इच्छुक सोनिया फिलहाल नेपाल में होने वाली वल्र्ड कप कोडों चैपियनशिप की तैयारियों में व्यस्त है।
      सोनिया पढ़ाई में तो हमेशा अव्वल रहती है। वह खेलों के साथ - साथ नृत्य कला में भी प्रवीण है। खेलों में अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के अलावा अपने कोच श्री रमेश सिंह को भी देती है जिनके मार्गदर्शन में ही वह निरन्तर अच्छा प्रदर्शन कर पाती

 
     



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