शान्ति सेवा मेडल प्राप्त पुलिस अधिकारी डॉ. एस.के.सैनी :

                रेल्वे पुलिस अधिकारी डॉ.एस.के.सैनी का जन्म २० अप्रेल,१९६३ को हाड़ौती क्षेत्र की बून्दी नगरी में हुआ। आपके पिता श्री सूजरमल सैनी व माता श्रीमती सुशीला सैनी है। श्री सूरजमल सैनी सहायक कृषि अधिकारी पद से सेवानिवृत हुए है। आपने राजस्थान विश्वविद्यालय से एम.कॉम. तथा पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।

डॉ.सैनी समाज के एकमात्र पुलिस अधिकारी है। जिन्होने २३ मई २००४ से २ सितम्बर,२००५ तक संयुक्त राष्ट्र संघ के यूरोपिय शान्ति मिशन कोसोवों में पुलिस सलाहकार के रूप में कार्य किया। उन्होने ४६ देशो के अन्तर्राष्ट्रीय पुलिस अधिकारियों के साथ कार्य करते हुए न केवल पुलिस बल अपितु भारत सरकार व समाज का नाम रोशन किया। डॉ. सैनी की उल्लेखनीय सेवाओं को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र संघ ने उनका कार्य ३ माह और बढाने का अनुरोध भारत सरकार से किया जिसे गृह मंत्रालय ने सहृदय स्वीकार करते हुए उन्हें उक्त पद पर कार्य करते रहने की अनुमति दी। डॉ. सैनी मिशन में कार्यरत भारतीय पुलिस के वरिष्ठतम अधिकारियों में से एक है। उनकी सेवाओं के सम्मानस्वरूप सयुक्त राष्ट्र मिशन कोसोवो के पुलिस कमिश्नर ने उन्हे

सेवा मेडल व प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। वहां उन्होने अपराध नियंत्रण के साथ स्थानीय कोसोवो पुलिस सेवा के अधिकारियों की भर्ती व प्रशिक्षण में महत्पूर्ण योगदान दिया।

डॉ. सैनी ने इंडियन इंस्टीट्‌यूट ऑफ काइनेटिक मेडिसन से एम.डी. (आलटरनेटिव मेडिसन) भी किया है। इनकी आतंकवादी विरोधी रणनीति व विच्चेद्गाता को देखते हुए भारत सरकार ने विशेष तौर पर इन्हे पुर्वोत्तर सीमान्त क्षेत्र में वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त रेल्वे सुरक्षा बल, गुवाहाटी में पदस्थापित किया है जहां वे वर्तमान में कार्यरत है।

 स्व. श्री ताराचन्द चन्देल :
                     आपका जन्म १९ मार्च १९३८ को जयपुर के किसान परिवार में हुआ। आपने एम.ए. एलएल.बी. तक शिक्षा प्राप्त कर वकालात का पेशा अपनाया तथा आपकी विशेष रूची सामाजिक कार्यों व राजनीति में भी रही। आप १९७२ से १९९२ तक जयपुर नगर परिषद के पार्षद व भवन निर्माण कमेटी के अध्यक्ष रहे। आपने १९७७ में आमेर विधान सभा से कांग्रेस के टिकट का तत्कालीन जनता पार्टी नेता भैरोसिंह शेखावत के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। आप कमजोर दलित पिछडा वर्ग के हितों के लिए सदैव लड ते रहते तथा आपने महात्मा ज्योतिबा फूले के विचारों को सम्पूर्ण राजस्थान में फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आपकी लगन व निष्ठा के अनुरूप ही आपको महात्मा ज्योतिबा फूले राष्ट्रीय संस्थान का अध्यक्ष बनाया गया तथा आपके विशेष प्रयास से ही राष्ट्रीय संस्थान को राज्य सरकार से रियायती दरों पर भूमि आंवटित की गई जिसमें वर्तमान में निर्माण कार्य जारी है। आपका देहान्त २८ अप्रेल २००४ को हुआ। आपके कार्यों को समाज सदैव याद करेगा व अधुरे कार्यों को पूरा करेगा।

सैनी श्री मांगीलाल पंवार
                     श्री मांगीलाल पंवार का जन्म ८ जनवरी १९४७ डीडवाना नागौर में हुआ। आपने बी.ए. तक शिक्षा प्राप्त की तत्पश्चात १९७३ में सहकारी निरीक्षक के पद पर कार्य किया किन्तु सामाजिक कार्य करने की उत्कंठा के कारण आपने नौकरी से त्याग पत्र देकर समाज सेवा में लग गये और निर्माण कार्य करने लगे। १९८३ में सब्जी मण्डी का निर्माण कराया। आप डीडवाना नगर पालिका के पार्षद भी रहे, आप २००० में ज्योतिबा फूले राष्ट्रीय संस्थान से जुडे और आपके ही प्रयासों से ही भूमि आंवटन के समय कोष जमा करवाया गया तथा २००१ में राद्गट्रीय संस्थान के उपाध्यक्ष तथा २००४ में राष्ट्रीय संस्थान के अध्यक्ष बनाये गये। आप ज्योतिबा फूले के विचारों को पूरे राजस्थान में प्रचारित करने में अहम भूमिका निभा रहे है।

 

स्व. श्री कन्हैयालाल सैनी :

 स्व. श्री कन्हैयालाल सैनी का जन्म ११ जनवरी १९४८ को जयपुर में हुआ। आपके पिता का नाम श्री ग्यारसीलाल सैनी व माता का नाम श्रीमती भूरी देवी था। सैनी की शिक्षा साधारण किन्तु वे इच्छाशक्ति व दृढ संकल्पी थे। आपको कमजोर, दलित व पिछड़ा वर्ग के उत्थान व प्रगति में अच्छा कार्य किया। साथ ही आप क्रिकेट प्रेमी भी थे। आप जयपुर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष राजस्थान राज्य क्रिकेट टीम के मैनेजर रहे तथा आपके खेल प्रेम के कारण ही आपकों खेल परिषद का उपाध्यक्ष भी बनाया गया। आपने लगभग ३६ देशो की यात्राऐं की तथा आपके प्रयास से ही जयपुर में महात्मा ज्योतिबा फूले व सावित्रि बाई फूले के विचारों के प्रचार-प्रसार हेतु जय क्लब में प्रति वर्ष मेले का आयोजन किया जाने लगा तथा इसमें देश के विख्यात समाज सुधारकों ने भाग लिया तथा जयपुर के लोगो ने भी बढ-चढकर भाग लिया। आपकी मात्र ४६ वर्ष की अल्पायु में ही मृत्यु हो गई तथा राजस्थान सरकार ने आपके सम्मन में जयपुर स्थित मानसरोवर में स्टेडियम का नामकरण, कन्हैयालाल सैनी क्रिकेट स्टेडियम रखा। आपके कार्यों व सेवा को समाज में सदैव याद किया जोयगा।

स्व. श्री ताराचन्द चन्देल :

 आपका जन्म १९ मार्च १९३८ को जयपुर के किसान परिवार में हुआ। आपने एम.ए. एलएल.बी. तक शिक्षा प्राप्त कर वकालात का पेशा अपनाया तथा आपकी विच्चेद्गा रूची सामाजिक कार्यों व राजनीति में भी रही। आप १९७२ से १९९२ तक जयपुर नगर परिषद के पार्षद व भवन निर्माण कमेटी के अध्यक्ष रहे। आपने १९७७ में आमेर विधान सभा से कांग्रेस के टिकट का तत्कालीन जनता पार्टी नेता भैरोसिंह के खिलाफ चुनाव भी लडा। आप कमजोर दलित पिछड वर्ग के हितो के लिए सदैव लडते रहे तथा आपने महात्मा ज्योतिबा फूले के विचारों को सम्पूर्ण राजस्थान में फैलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आपकी लगन व निद्गठा के अनुरूप ही आपको महात्मा ज्योतिबा फूले राष्ट्रीय संस्थान का अध्यक्ष बनाया गया तथा आपके विशेष प्रयास से ही राष्ट्रीय संस्थान को राज्य सरकार से रियायती दरों पर भूमि आंवटित की गई जिसमें वर्तमान में निर्माणकार्य जारी है। आपका देहान्त २८ अप्रेल २००४ को हुआ। आपके कार्यों को समाज सदैव याद करेगा व अधुरे कार्यों को पूरा करेगा।

 

सैनी श्री मांगीलाल पंवार :

   श्री मांगीलाल पंवार का जन्म ८ जनवरी १९४७ डीडवाना नागौर में हुआ। आपने बी.ए. तक शिक्षा प्राप्त की तत्पश्चात १९७३ में सहकारी निरीक्षक के पद पर कार्य किया किन्तु सामाजिक कार्य करने की उत्कंठा के कारण आपने नौकरी से त्याग पत्र देकर समाज सेवा में लग गये और निर्माण कार्य करने लगे। १९८३ में सब्जीमण्डी का निर्माण कराया। आप डीडवाना नगर पालिका के पार्द्गाद भी रहे, आप २००० में ज्योतिबा फूले राष्ट्रीय संस्थान से जुड़े और आपके ही प्रयासों से ही भूमि आंवटन के समय कोद्गा जमा करवाया गया तथा २००१ में राष्ट्रीय संस्थान के उपाध्यक्ष तथा २००४ में राष्ट्रीय संस्थान के अध्यक्ष बनाये गये। आप ज्योतिबा फूले के विचारों को पूरे राजस्थान में प्रसारित करने में अहम भूमिका निभा रहे है।

       

 

 

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